यूपीएसएलडीसी (यूपी स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर) में काम करने वाले 25 प्रतिशत संविदाकर्मियों की छंटनी हो सकती है। उच्च स्तर से इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। इसकी जानकारी मिलते ही ऊर्जा संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया है। वह किसी भी कीमत पर छंटनी ना करने की मांग कर रहे।
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने सोमवार को ऊर्जा राज्य मंत्री कैलाश सिंह राजपूत से मुलाकात कर विद्युत व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण संबंधी ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बिजली निगमों में सहायक अभियंता , अवर अभियंता , तकनीशियन ग्रेड-2 सहित अन्य तकनीकी पदों पर तत्काल नियमित भर्ती शुरू करने की मांग उठाई।
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परिषद अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में करीब 3.80 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं के मुकाबले नियमित कर्मचारियों की संख्या मात्र 26 हजार है। पिछले पांच वर्षों से कोई बड़ी भर्ती नहीं हुई है। इस पर ऊर्जा राज्य मंत्री ने आश्वासन दिया कि भर्ती का मुद्दा मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा तथा विद्युत सेवा आयोग के माध्यम से नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
बैठक में बिजली निगमों में कार्यरत लगभग 85 हजार संविदा एवं आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा, उचित वेतन और सामाजिक सुरक्षा लाभों का मुद्दा भी उठाया गया। उपभोक्ता परिषद ने इन्हें आउटसोर्स सेवा निगम के माध्यम से जोड़ने तथा करीब 25 हजार निकाले गए संविदाकर्मियों की पुनर्बहाली की मांग की। मंत्री ने सभी मुद्दों पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया।
