प्रदेश में प्रधानों को प्रशासक बनाने की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सहमति दे दी है। पंचायती राज मंत्री ओपी राजभर के निर्देश पर प्रमुख सचिव पंचायती राज अनिल कुमार ने सोमवार को इसका आदेश जारी कर दिया। अब बुधवार से प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों के प्रधान प्रशासक की भूमिका में आ जाएंगे। यह प्रस्ताव बीते दिनों विभाग ने मुख्यमंत्री की मंजूरी के लिए भेजा था।
बता दें कि पंचायत चुनाव में देरी होने की वजह से प्रधानों को ही छह माह के लिए प्रशासक बनाने का फैसला लिया गया है। इससे पहले एडीओ पंचायत को प्रशासक नियुक्त करने की परंपरा रही है। प्रदेश में प्रधानों का कार्यकाल मंगलवार को खत्म हो रहा है, जिसकी वजह से 57,694 पंचायतों में प्रशासकों की नियुक्ति होने जा रही है। इससे गांवों की विकास योजनाएं प्रभावित नहीं होंगी।
बीते दिनों राष्ट्रीय पंचायत राज्य ग्राम प्रधान संघ की ओर से प्रधानों को हीं प्रशासक बनाए जाने की मांग की गई थी। वहीं हाल ही में कैबिनेट ने पंचायतों में सीटों के आरक्षण के लिए समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन करने की मंजूरी दी थी, जिसकी रिपोर्ट आने में करीब छह महीने लग सकते हैं। इसके बाद आरक्षण तय किया जाएगा। इससे पंचायत चुनाव जल्द होने के आसार नहीं हैं। दिसंबर में विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने की संभावना है। इन हालात में विधानसभा चुनाव के बाद ही पंचायत चुनाव कराया जा सकता है।
