प्रदेश सरकार ने रविवार को उच्चस्तर पर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। ग्रामीण क्षेत्रों में खराब बिजली आपूर्ति पर डॉ. आशीष गोयल और मेडिकल कॉलेजों को लेकर उपजे विवाद की गाज अमित कुमार घोष पर गिरी है। डॉ. आशीष कुमार गोयल को अपेक्षाकृत कम महत्व का माने जाने वाले श्रम एवं सेवायोजन विभाग में भेजा गया है। वह अपर मुख्य सचिव ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा, अध्यक्ष यूपी पॉवर कॉर्पोरेशन ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड, अध्यक्ष राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड, अध्यक्ष यूपीएसएलडीसी लिमिटेड और अपर स्थानिक आयुक्त नई दिल्ली थे।




शासन स्तर के 10 वरिष्ठ आईएएस अफसरों की जिम्मेदारियों में बदलाव करते हुए इसी साल दिसंबर में सेवानिवृत्त हो रहे घोष को अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण व चिकित्सा शिक्षा से हटाकर उच्च शिक्षा विभाग भेजा गया है।अमृत अभिजात को अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धमार्थ कार्य के साथ अपर मुख्य सचिव परिवहन का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। अभी यह दायित्व अर्चना अग्रवाल के पास था। वह इसी माह सेवानिवृत्त हो रही हैं। वी हेकाली झिमोमी प्रमुख सचिव वन एवं पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन से प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण व प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा बनाई गई हैं। महेंद्र प्रसाद अग्रवाल प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा से प्रमुख सचिव वन एवं पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन, अनिल कुमार प्रमुख सचिव पंचायती राज से प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद, उपभोक्ता मामले और आयुक्त खाद्य एवं रसद बनाए गए हैं। अनिल कुमार की अपने मंत्री ओम प्रकाश राजभर से नहीं पट रही थी। और उन्होंने खुद भी इस विभाग से हटने की इच्छा जताई थी।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *