आगरा में गोली मारकर युवक की हत्या, आयुष अधिनियम व अन्य आरोपों के मामले में अदालत ने थाना मंटोला क्षेत्र के ढोलीखार निवासी नसीरुद्दीन, उसके पुत्र कलीम, फहीम, पुत्री इशरत और किश्वर को दोषी माना। एडीजे-1 पुष्कर उपाध्याय ने सभी को उम्रकैद और 60-60 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माने की आधी रकम बतौर प्रतिकर मृतक की मां को दी जाएगी।
ढोलीखार निवासी रुखसाना ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि 1 अगस्त, 2019 को वह परिजन के साथ घर के अंदर बैठी थीं। बिजली फिटिंग का काम चल रहा था। उसी दौरान आरोपी नसीरुद्दीन अपने पुत्र कलीम, फहीम, पुत्री इशरत और किश्वर के साथ अंदर आ गया। नसीरुद्दीन के कहने पर उसके पुत्रों ने उनके बेटे नजीर को तमंचे से गोली मार दी। दूसरा बेटा नजीब बचाने आया तो उसके सिर में भी गोली मारी। पुत्रियों के साथ मारपीट की।
पति के सीने पर तमंचा लगा दिया। धमकी दी कि अगर पुलिस को खबर दी तो मास्टरगीरी निकाल देंगे। शोर सुनकर तीसरा पुत्र मुशीर बचाने आया तो उसे भी गोली मारी लेकिन वह बच गया। इसके बाद जान से मारने की धमकी देते हुए आरोपी भाग गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों घायल पुत्रों को इलाज के लिए एसएन इमरजेंसी में भर्ती कराया। इलाज के दौरान 3 अगस्त, 2019 को डॉक्टरों ने इलाज के दौरान उनके छोटे पुत्र नजीब को मृत घोषित कर दिया और दूसरे पुत्र की आंखों की रोशनी चली गई। पुलिस ने आरोपी फहीम और कलीम को 9 अगस्त, 2019 को हिरासत में लिया। उनके कब्जे से तमंचे और कारतूस बरामद हुए थे। अभियोजन पक्ष की तरफ से पीड़िता सहित 12 गवाह अदालत में पेश किए गए।