उत्तर प्रदेश में तबादला हो गया, लेकिन कर्मचारी पुराने ठिकाने से हटने को तैयार नहीं। बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के कार्यालयों में वर्षों से जमे कर्मचारियों के 11 सितंबर को किए गए तबादले के बाद करीब आधे ने अब तक नई तैनाती पर कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। विभाग ने अब संबंधित नियंत्रक अधिकारियों को तत्काल कर्मचारियों को कार्यमुक्त करने और उनकी जगह नए कर्मचारियों को कार्यभार ग्रहण कराने के निर्देश दिए हैं।
शासन ने कनिष्ठ लिपिक, वरिष्ठ सहायक, प्रधान सहायक और आशुलिपिक संवर्ग के 488 कर्मचारियों का तबादला किया था। इनमें से करीब आधे कर्मचारी अभी भी पुराने तैनाती स्थल पर अंगद की तरह पैर जमाए हुए हैं। निदेशालय स्तर से मांगी गई जानकारी भी जिलों और मंडलों से उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।
अपर शिक्षा निदेशक बेसिक मनोज कुमार द्विवेदी ने सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों को पत्र भेजकर नई तैनाती पर कार्यभार ग्रहण नहीं करने वाले कर्मचारियों की सूचना तत्काल मांगी है। उन्होंने कहा है कि सभी जिलों के बीएसए, डीआईओएस, मंडलीय सहायक व संयुक्त शिक्षा निदेशकों की ओर से सूचना देने में लापरवाही बरती गई तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा।
बीईओ भी तबादले के बाद नहीं हट रहे
शासन ने पिछले दिनों 118 खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) का भी तबादला किया था। इनमें बड़ी संख्या में अधिकारी नई तैनाती वाले जिलों में कार्यभार ग्रहण नहीं कर रहे हैं। बीईओ बीच सत्र में तबादला किए जाने को मुद्दा बनाकर विरोध कर रहे हैं।
बेसिक शिक्षा निदेशालय ने अब सभी मंडलों और जिलों से बीईओ के कार्यभार ग्रहण करने की स्थिति की सूचना तलब की है। अपर शिक्षा निदेशक बेसिक मनोज कुमार द्विवेदी ने सभी मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशकों और बीएसए को पत्र भेजकर जानकारी मांगी है, ताकि इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सके।
