बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने समाजवादी पार्टी के राज्यसभा प्रत्याशियों के चयन पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सपा को वोट तो पीडीए का चाहिए, लेकिन सांसद और विधायक अपने परिवार और पूंजीपतियों को बनाती है। सपा समाजवादी व पीडीए की पार्टी होने का ढोंग करती है। जनता इनके पीडीए के बहकावे में ना आए।
मायावती ने शुक्रवार को जारी अपने बयान में कहा कि सपा ने राज्यसभा चुनाव में रामगोपाल यादव को पर्चा भरवाया है जो सपा मुखिया के नजदीकी रिश्तेदार हैं। दूसरा उम्मीदवार धनराज परिमल नथवानी को बनाया है, जो चर्चित उद्योग घराने से जुड़े हैं। लोगों की राय में सपा का तीसरा उम्मीदवार पहले की तरह फेस सेविंग व चुनाव हारने के लिए होगा।
सपा का ऐसा दोहरा चाल, चरित्र व चेहरा हमेशा से रहा है। सवर्ण समाज के गरीबों तथा दलितों, आदिवासियों, अति-पिछड़ों, मुस्लिम एवं अन्य धार्मिक अल्पसंख्यक समाज के लोगों को विधानसभा चुनाव से पहले सतर्क हो जाना चाहिए। उनका हित बसपा में ही सुरक्षित है, बाकी सब छलावा है।
बसपा किसी भी चुनाव में विरोधी पार्टियों खासकर सपा की तरह अपने परिवार व पूंजीपतियों को टिकट नहीं देती है। पार्टी में कार्यरत सर्वसमाज के गरीब, मध्यम वर्ग व कमजोर तबकों के कर्मठ आंबेडकरवादी लोगों को ही उम्मीदवार बनाती है। सपा ठीक इसके विपरीत कार्य करती है।
