UP: Hospitals across the state on Diwali alert, helpline number released for assistance in case of accidents o

दिवाली पर अलर्ट मोड में रहेंगे अस्पताल।
– फोटो : अमर उजाला।

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दीपावली पर प्रदेश के सभी अस्पतालों को अलर्ट कर दिया गया है। मेडिकल कॉलेजों से लेकर जिला व मंडलीय अस्पतालों की इमरजेंसी में झुलसने पर मरीजों की दी जाने वाली दवाएं एवं अन्य सामग्री रखने के निर्देश दिए गए हैं। झुलसने वाले मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद जरूरत के हिसाब से ट्रामा सेंटर रेफर किया जाएगा।


उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि सभी मेडिकल कॉलेजों एवं अस्पतालों में इमरजेंसी व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं। जिला अस्पतालों की इमरजेंसी में 10 से 15 अतिरिक्त बेड लगाए गए हैं। इसी तरह मेडिकल कॉलेजों में प्लास्टिक सर्जरी से जुड़ी सभी सुविधाएं मौजूद रहेंगी। मरीजों को उपचार देने के बाद जरूरत के हिसाब से सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं के लिए केजीएमयू या पीजीआई रेफर किया जाएगा। यह भी निर्देश दिया गया है कि जिन मरीजों को मेडिकल कॉलेज में उपचार मिल सकता है, उन्हें अनावश्यक रूप से केजीएमयू, एसजीपीजीआई या लोहिया संस्थान रेफर न किया जाए।

पटाखे से जलने पर डायल करें 108

 दिवाली के मौके पर किसी भी मेडिकल इमरजेंसी से निपटने के लिए प्रदेश की 108 और 102 एम्बुलेंस सेवाएं 24 घंटे हाई अलर्ट पर रहेंगी। एम्बुलेंस सेवा प्रदाता संस्था ने सभी एम्बुलेंसों को मुस्तैद रहने और आवश्यकता पड़ने पर जल्द से जल्द पीड़ित तक जीवनरक्षक सेवा पहुंचाने के सख्त निर्देश दिए हैं। कोई भी व्यक्ति आपात स्थिति में 108 नंबर पर कॉल करके इस निःशुल्क सेवा का लाभ ले सकता है।

उत्तर प्रदेश में 108 एवं 102 एम्बुलेंस का संचालन करने वाली संस्था ईएमआरआई के प्रेसिडेंट टीवीएसके रेड्डी ने बताया कि दिवाली पर 108 सेवा की सभी 2,200 एम्बुलेंस 24 घंटे तैयार रहेंगी। पुलिस व प्रशासन के सहयोग से एम्बुलेंसों को ऐसी ”हॉटस्पॉट” (दुर्घना बहुल स्थल)पर खड़ा करने के निर्देश दिए गए हैं, जहां से घटना की सूचना मिलने पर वे जल्द से जल्द मरीजों तक पहुंच सकें। सभी एम्बुलेंसों में जीवनरक्षक दवाओं की पूरी उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। दीपावली के दौरान सड़क दुर्घटना, पटाखों से जलने, हार्ट अटैक, सांस लेने में तकलीफ या अन्य किसी भी गंभीर स्वास्थ्य समस्या होने पर तुरंत 108 डायल करें। सूचना मिलते ही एम्बुलेंस प्रशिक्षित इमरजेंसी मेडिकल स्टाफ (ईएमटी) और जीवनरक्षक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचेगी और मरीज को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाएगी।



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