प्रदेश के चार सरकारी मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए सीटों पर बढ़ाए गए आरक्षण कोटे पर हाईकोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है। हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने बुधवार को कहा कि इन कॉलेजों में नीट-यूजी काउंसिलिंग अन्य कॉलेजों में लागू आरक्षण व्यवस्था के अनुसार ही जारी रहेगी। याचियों ने राज्य सरकार के एक सितंबर के आदेश को चुनौती देते हुए बताया था कि इससे करीब 73 प्रतिशत सीटें आरक्षित हो गई हैं।
न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ ने यह आदेश सचिन सिंह व एक अन्य की याचिका पर दिया। याचियों के अधिवक्ता अमरेंद्र नाथ त्रिपाठी ने बताया कि अंबेडकरनगर, कन्नौज, सहारनपुर और जालौन के मेडिकल कॉलेजों में आरक्षण कोटा बढ़ाकर काउंसिलिंग कराई जा रही है, जो कानून की मंशा के खिलाफ है।
कोर्ट ने इन कालेजों में बढ़े आरक्षण कोटे पर अंतरिम रोक लगाते हुए कहा कि फिलहाल अन्य कालेजों में निर्धारित आरक्षण (एससी के लिए 21 प्रतिशत, एसटी के लिए 2 प्रतिशत और ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत) के समान ही इन कालेजों में भी काउंसिलिंग कराएं। इससे पहले 14 सितंबर को कोर्ट ने इस मामले में चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग के महानिदेशक व चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को रिकॉर्ड के साथ 16 सितंबर को तलब किया था। हालांकि, मामले में विस्तृत आदेश अभी नहीं आया है।
