मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कुछ जिलों से कोटेदारों के उत्पीड़न की शिकायतें आ रही हैं। उन्होंने इस पर गंभीर रुख अपनाते हुए कहा कि सभी डीएम को निर्देश दिए कि जिला पूर्ति अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करें। यदि किसी अधिकारी के विरुद्ध भ्रष्टाचार के आरोपों की पुष्टि होती है तो तत्काल निलंबन के साथ खुली विजिलेंस जांच कराकर विधिक और विभागीय कार्रवाई की जाए।
उन्होंने शुक्रवार देर शाम शासन और फील्ड के वरिष्ठ अधिकरियों के साथ समीक्षा बैठक में पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों को ओवरबिलिंग पर जमकर फटकारा। उन्होंने सभी डिस्कॉम को ओवर बिलिंग की शिकायतों का तत्काल समाधान करने के निर्देश देते हुए कहा कि तकनीकी खामियों का बोझ आम उपभोक्ता पर नहीं पड़ना चाहिए।
प्रत्येक उपभोक्ता से उसके वास्तविक विद्युत उपभोग के अनुरूप ही बिजली का बिल लिया जाए और इस व्यवस्था का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। अधिकारी जनप्रतिनिधियों के साथ लगातार संवाद बनाए रखें। अगले दो-तीन दिन में जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर समसामयिक विषयों और शासन के आगामी कार्यक्रमों की जानकारी साझा करें तथा उनके सुझावों के अनुरूप स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाएं। उन्होंने राजस्व वादों के समयबद्ध निस्तारण पर विशेष बल देते हुए कहा कि चकबंदी से जुड़ी जनसमस्याओं का समाधान निष्पक्षता और मेरिट के आधार पर हो। ऐसे विवाद किसी भी स्थिति में सामाजिक सौहार्द प्रभावित करने का कारण नहीं बनने चाहिए।
घाटों की सुरक्षा करें मजबूत
उन्होंने कहा कि प्रदेश की कुछ नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। ऐसे में घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए। संभावित बाढ़ और कटान वाले क्षेत्रों में पहले से सभी आवश्यक तैयारियां पूरी रहें तथा स्थानीय प्रशासन लगातार निगरानी बनाए रखे।
