अयोध्या और लखनऊ समेत प्रदेश के 18 शहरों में लोगों को सुगम यातायात की सुविधा देने के लिए एसी इलेक्टि्रक बसें चलेेंगी। नगर विकास विभाग के इस प्रस्ताव को बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में मंजूरी मिल गई है। इन बसों का संचालन प्राइवेट संचालकों द्वारा ग्रास कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट (जीसीसी) मॉडल पर किया जाएगा। इन बसों के संचालन से 45 हजार से अधिक लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने बताया कि प्रदेश में आरामदायक और प्रदूषण मुक्त सिटी बसों के नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है। सरकार ने बढ़ते शहरीकरण, नागरिकों की परिवहन आवश्यकताओं तथा पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रिक बसों को चरणबद्ध रूप से संचालित किया जाएगा। इससे नागरिकों को सुरक्षित, सुलभ, वातानुकूलित एवं पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही वायु एवं ध्वनि प्रदूषण में भी कमी आएगी तथा प्रदेश के कार्बन फुटप्रिंट को कम करने में मदद मिलेगी। इस महत्वाकांक्षी योजना से करीब 10500 प्रत्यक्ष और 35000 अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

इन शहरों में चलेंगी एसी ई बसें

लखनऊ, आगरा, अयोध्या, अलीगढ़, बरेली, फिरोजाबाद, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, मथुरा-वृंदावन, मेरठ, मुरादाबाद, प्रयागराज, शाहजहांपुर, सहारनपुर, वाराणसी एवं नोएडा (जेवर सहित) में 982 बसों का संचालन होगा। नगर विकास विभाग ने कुल 1725 ई बसों का संचालन का प्रस्ताव था। इसमें से 743 इलेक्ट्रिक बसों का पहले से ही संचालन किया जा रहा है।

 



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