कदौरा। थाना क्षेत्र के गर्रेही गांव में मानसिक रूप से परेशान पीआरडी जवान ने सोमवार रात घर के कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। मंगलवार सुबह घटना की जानकारी होने पर परिजनों में चीख-पुकार मच गई। पहुंची पुलिस जांच में जुटी है।
थाना क्षेत्र के गर्रेही गांव निवासी जगवंदन सिंह (52) पीआरडी जवान थे और आटा थाना क्षेत्र में ड्यूटी कर रहे थे। परिजनों के मुताबिक सोमवार रात ड्यूटी खत्म करने के बाद वह घर लौटे। रोजाना की तरह खाना खाने के बाद अपने कमरे में सोने चले गए। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर उन्होंने पंखे के हुक से फंदा लगाकर जान दे दी।
मंगलवार सुबह काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं आने पर पत्नी राजू देवी और बच्चों ने उन्हें आवाज दी। कोई जवाब नहीं मिलने पर परिजनों ने खिड़की से अंदर झांका तो जगवंदन सिंह का शव पंखे पर फंदे से लटका दिखाई दिया। यह देख परिजनों में चीख-पुकार मच गई। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए।
परिजन के अनुसार जगवंदन सिंह पिछले काफी समय से मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे और कानपुर में मनोचिकित्सक डॉ. महेंद्रू से उनका इलाज चल रहा था। परिजनों ने आशंका जताई कि मानसिक तनाव के चलते उन्होंने आत्मघाती कदम उठाया।
जगवंदन सिंह अपने पीछे पत्नी राजू देवी और तीन बेटे भूरा (30), बिरजू (25) और रामजी (20) को छोड़ गए हैं। परिवार के कमाऊ सदस्य की अचानक मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
थाना प्रभारी परमेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची थी। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों ने मृतक के मानसिक रूप से परेशान होने और इलाज चलने की जानकारी दी है। मामले में अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
