कानपुर में रमईपुर मेगा लेदर क्लस्टर परियोजना के लिए जमीन खरीदने के नाम पर 2012 से 2016 के बीच 250 निवेशकों से 32 करोड़ रुपये ठग लिए गए। अपशिष्ट निस्तारण का प्रावधान न करने पर वर्ष 2016 में शासन ने परियोजना को बंद कर दिया। तब से लेकर अब तक निवेशकों को उनका पैसा नहीं लौटाया गया। परेशान निवेशक पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के पास पहुंचे तो उन्होंने जांच बैठा दी।
लगभग एक माह की जांच के बाद मंगलवार को टेनरी संचालकों समेत सात लोगों के खिलाफ जाजमऊ थाने में धोखाधड़ी सहित अन्य आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की गई। निवेशकों की अगुवाई कर रहे चेन्नई निवासी सरफराज अख्तर ने बताया कि परियोजना के तहत हुमैरा टेनरी के संचालक अशरफ रिजवान को करीब 250 लोगों ने मेगा लेदर क्लस्टर में निवेश के लिए लगभग 32 करोड़ रुपये दिए थे।
