प्रदेश में आठ नए लिंक और एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं के टेंडर फाइनल करने की समय सीमा तय कर दी गई है। चार परियोजनाओं के टेंडर 15 अक्तूबर तक, चित्रकूट लिंक एक्सप्रेस-वे के टेंडर 30 अक्तूबर तक और तीन अन्य एक्सप्रेस-वे के टेंडर नवंबर के अंत तक फाइनल करने होंगे। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने बृहस्पतिवार को प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग ग्रुप की बैठक में अधिकारियों को तय समयसीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए।

बैठक में फर्रुखाबाद लिंक, आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक, झांसी लिंक और जेवर लिंक एक्सप्रेस-वे के टेंडर 15 अक्तूबर तक फाइनल करने का लक्ष्य रखा गया। चित्रकूट लिंक एक्सप्रेस-वे के लिए 30 अक्तूबर और मेरठ-हरिद्वार लिंक, विंध्य एक्सप्रेस-वे तथा विंध्य-पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के टेंडर 30 नवंबर तक अंतिम रूप देने की समयसीमा तय की गई है।

मुख्य सचिव ने कहा कि परियोजनाओं में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें और नियमित निगरानी के जरिये तय लक्ष्यों को समय पर पूरा करें।

बीडा की 28,874 एकड़ जमीन अर्जित

बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) की समीक्षा में बताया गया कि कुल 56,662 एकड़ भूमि अर्जित करने के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 28,874 एकड़ जमीन का अधिग्रहण हो चुका है। मुख्य सचिव ने बीडा की महायोजना-2045 को शासन से समन्वय कर 25 अक्तूबर तक मंजूर कराने के निर्देश दिए। साथ ही, भूमि अर्जन के मासिक लक्ष्यों के अनुसार प्रगति सुनिश्चित करने को कहा।

बीडा के एक्टिवेशन एरिया के लिए 2,320 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है। इसमें पहले चरण में विकसित होने वाले 1,000 एकड़ क्षेत्र की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) शासन को भेजी जा चुकी है। ड्राफ्ट सेक्टर प्लान भी तैयार है। महायोजना मंजूर होने के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।

मेडिकल डिवाइस पार्क में 28 भूखंडों पर शुरू हुआ निर्माण

ग्रेटर नोएडा के मेडिकल डिवाइस पार्क में 123 भूखंड आवंटित किए गए हैं। इनमें से 112 के लीज प्लान मिल चुके हैं और 82 की लीज डीड निष्पादित हो चुकी हैं। 71 आवंटियों को कब्जा दिया जा चुका है, जबकि 42 भूखंडों के नक्शे स्वीकृत हुए हैं। अब तक 28 आवंटियों ने निर्माण कार्य शुरू किया है। छह भवन बनकर तैयार हो चुके हैं और एक इकाई में उत्पादन शुरू हो गया है।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जिन आवंटियों ने अभी तक निर्माण शुरू नहीं किया है, उनसे संपर्क कर काम जल्द शुरू कराया जाए। साथ ही, लीज डीड के लंबित मामलों में भी तेजी लाई जाए।

बैठक में यूपी इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर्स (यूपीआईएमएलसी) और यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने दोनों परियोजनाओं के लिए शेष भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज करने को कहा।

 



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