प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत 3.53 लाख रसोइयों का मानदेय बढ़ने का इंतजार जल्द पूरा हो सकता है। शिक्षामित्रों व अनुदेशकों का मानदेय सरकार बढ़ा चुकी है, ऐसे में रसोइये भी अपना मानदेय बढ़ाने का दबाव बना रहे हैं। चुनावी साल में सरकार इन्हें मानदेय बढ़ोत्तरी का तोहफा देकर खुश करेगी। इनका मानदेय लगभग 1000 रुपये तक बढ़ाने की तैयारी है।
प्रदेश के 1.32 लाख परिषदीय स्कूलों में 1.46 करोड़ छात्रों को मिड डे मील दिया जा रहा है। रसोइयों को पहले 1000 रुपये मासिक मानदेय दिया जाता था। फिर 2019 में इसे बढ़ाकर 1500 रुपये कर दिया गया। 2022 में मासिक मानदेय बढ़ाकर 2000 रुपये कर दिया गया। हालांकि यह अभी भी अपेक्षाकृत कम है।
इसमें केंद्र सरकार का अंश 600 रुपये ही है लेकिन राज्य सरकार की ओर से राज्यांश में लगातार बढ़ोत्तरी की गई। अब 2027 में विधानसभा चुनाव से पहले रसोइयों के मानदेय में बढ़ोत्तरी की जाएगी।
मिड डे मील प्राधिकरण की ओर से इस संबंध में प्रस्ताव भी तैयार कर लिया है। अब उच्च स्तरीय बैठक में इस पर मुहर लगने के बाद मानदेय बढ़ोत्तरी की घोषणा होगी। रसोइयों को अभी दो हजार रुपये मासिक मानदेय के साथ ही 500 रुपये यूनिफॉर्म व 400 रुपये ग्लव्स के लिए दिए जाते हैं। फिलहाल रसोइयों को पूरी उम्मीद है कि राज्य सरकार जल्द उन्हें भी शिक्षामित्रों व अनुदेशकों की तरह ही मानदेय बढ़ोत्तरी का तोहफा देगी।
