प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के नाम पर प्रीमियम काट बीमा कंपनी को न देने वाले बैंक कर्मी किसानों को गुमराह करते रहे। उन्होंने जांच करने के नाम पर तीन से चार महीने का समय बिता दिया। अब बैंक कर्मी किसानों से समझौते का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन किसान संतुष्ट नहीं हैं।

मई निवासी किसान प्रेम सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की अछनेरा शाखा से शुक्रवार को तीन लोग उनके घर आए थे। वह एक कागज पर हस्ताक्षर कराकर मामला रफा-दफा करने की बात कर रहे थे। प्रीमियम न कटने से बीमा न मिलने का किसी अन्य योजना से लाभ दिलाकर प्रतिपूर्ति करने का आश्वासन दे रहे थे। लेकिन उन्होंने नहीं मानी।

वहीं व्यारा निवासी किसान मान सिंह ने बताया कि व्यारा शाखा के बैंककर्मी ने जांच के नाम पर करीब चार महीने गुमराह किया। जब पूछा जाता तो चेक करने की कहकर टाल देते। फिर अचानक से कहने लगे कि आपका बीमा हुआ ही नहीं है। इसके बाद उन्होंने खाते में बीमा की राशि वापस कर दी। लेकिन मुझे खेती के नुकसान का मुआवता नहीं मिला।

इस पर अछनेरा बैंक शाखा प्रबंधक निरंजन मीना ने पूछा तो उन्होंने बताया कि उन्हें जानकारी नहीं है। वह छुट्टी पर हैं। व्यारा शाख प्रबंधक लवेश गर्ग ने बताया कि बीमा प्रीमियम को बीमा कंपनी ने वापस कर दिया था। किसान को सूचित किया गया था।

 



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