राज्य सरकार ने महिला कर्मचारियों को मातृत्व अवकाश देने के नियम में बड़ा बदलाव किया है। अब मातृत्व अवकाश के लिए दो बच्चों की उम्र के बीच दो साल का अंतर होना अनिवार्य नहीं होगा। कैबिनेट बाई सर्कुलेशन शनिवार को वित्त विभाग के इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।
अब तक की व्यवस्था में दूसरे बच्चे के लिए मातृत्व अवकाश का लाभ लेने के लिए दोनों बच्चों की उम्र में कम से कम दो साल का अंतर होना जरूरी था। इससे कई मामलों में महिला कर्मचारियों को मातृत्व अवकाश से वंचित होना पड़ रहा था। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने हाल ही में ऐसे ही एक मामले में दो बच्चों के बीच उम्र का अंतर दो साल से कम होने के आधार पर मातृत्व अवकाश से इन्कार करने को गलत ठहराया था और महिला कर्मचारी को मातृत्व अवकाश देने और उससे जुड़े सभी परिणामी लाभ देने का आदेश दिया था।
अदालत के इस फैसले के बाद राज्य सरकार ने मातृत्व अवकाश के नियम में मौजूद दो साल के अंतर की बाध्यता को ही समाप्त करने का निर्णय लिया है। सरकार के इस फैसले से अब दो बच्चों के बीच उम्र का अंतर दो साल से कम होने पर भी पात्र महिला कर्मचारी को मातृत्व अवकाश मिलने का रास्ता साफ हो गया है। इससे मातृत्व अवकाश से जुड़े मामलों में अनावश्यक विवाद भी कम होंगे।