मायावती ने आकाश आनंद को राजनीतिक रूप से और अधिक परिपक्व (मैच्योर) होने की बात कहते हुए पार्टी की किसी भी बड़ी जिम्मेदारी से दूर रखने का फैसला किया है। उन्होंने मान्यवर कांशीराम के सिद्धांतों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि जिस तरह उन्होंने अपने परिवार को केवल पार्टी कार्य की इजाजत दी थी, चुनाव लड़ाने या पद देने के खिलाफ थे।
उसी संकल्प पर चलते हुए आकाश आनंद को भी केवल पार्टी में कार्य करने की अनुमति दी गई है। मायावती का मानना है कि आकाश आनंद को अभी और परिपक्वता की आवश्यकता है ताकि विरोधी दलों द्वारा साम, दाम, दंड, भेद जैसे हथकंडों के इस्तेमाल से पार्टी को होने वाले संभावित चुनावी नुकसान से बचाया जा सके। इसके साथ ही आकाश आनंद ने भी अपना एक्स प्रोफाइल बदल लिया है। उन्होंने राष्ट्रीय संयोजक की जगह खुद को बसपा कार्यकर्ता के रूप में अपनी पहचान बताई है। इससे आकाश के समर्थकों में निराशा है।