राम वनगमन मार्ग पर औतारपुर से सिंगरौर उपरहार के बीच सड़क निर्माण की गुणवत्ता खराब होने पर पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) रवींद्र पाल सिंह को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा अधीक्षण अभियंता ओंकार भारतीय के खिलाफ भी सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली-1999 के नियम-7 के अंतर्गत जांच के आदेश दिए गए हैं। इस नियम में दोषी पाए जाने पर बड़ा दंड दिए जाने का प्रावधान है।
आदेश में कहा गया है कि राम वनगमन मार्ग (एनएच-731 ए) के पैकेज-2 में किमी-35 से 49.155 तक फोरलेन ग्रीनफील्ड हाईवे के निर्माण की परियोजना में स्लैब के फेल होने और किनारे के ढलान में समस्या आई। हालांकि, अगले 15 वर्षों तक मेंटिनेंस की जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार की है लेकिन इन कमियों से स्पष्ट है कि अधिशासी अभियंता, एनएच प्रयागराज रवींद्र पाल सिंह ने दायित्वों का सही से निर्वहन नहीं किया।
उन्हें पीडब्ल्यूडी विभागाध्यक्ष के कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। एक्सईएन रवींद्र के साथ ही संबंधित अधीक्षण अभियंता ओंकार भारतीय के खिलाफ भी नियम-7 के तहत जांच की जाएगी। दोनों ही अभियंताओं के मामले में आगे की जांच के लिए वाराणसी के मुख्य अभियंता को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
