सपा ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए रणनीति बनानी प्रारंभ कर दी है। जैसे-जैसे जिन क्षेत्रों में टिकट फाइनल होते जाएंगे, वैसे-वैसे उन क्षेत्रों में बड़ी रैलियों के आयोजन का कार्यक्रम फाइनल किया जाएगा। लेकिन, किसी भी क्षेत्र के टिकट फाइनल करने से पहले वहां रैलियों का कार्यक्रम नहीं रखा जाएगा।
समाजवादी पार्टी स्थानीय स्तर पर अपने कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और नेताओं के बीच अंतरविरोधों को न्यून रखना चाहती है। ताकि, चुनाव के दौरान उसे गैरजरूरी नुकसान न उठाने पड़ें। बिना टिकट घोषित किए रैली करने के कई बार खराब परिणाम भी सामने आते हैं।
रैलियों में कई दावेदार अपना टिकट फाइनल मानकर संसाधन लगाते हैं और जब टिकट किसी और को मिलता है तो वे पार्टी के प्रत्याशी के खिलाफ काम करने लगते हैं।
इसलिए सपा नेतृत्व ने निर्णय लिया है कि पहले टिकट फाइनल करेंगे। संबंधित नेता को पूरी तैयारी से मैदान में उतरने के लिए कहा जाएगा। उसके बाद रैली का कार्यक्रम रखा जाएगा। टिकट को लेकर स्थिति एकदम साफ करने के बाद सभी नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से मदद करने के लिए कहा जाएगा।
सपा का राजभर बनाम राजभर अभियान
उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर लगातार सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साध रहे हैं। इन सबके बीच सपा नेतृत्व ने फैसला किया है कि ओमप्रकाश राजभर को जवाब सपा महिला विंग की अध्यक्ष सीमा राजभर ही देंगी। सीमा राजभर सुभासपा से ही सपा में शामिल हुई हैं। इस संबंध में सपा ने अपने सभी नेताओं को निर्देश दे दिए हैं।
