आगरा के थाना हरीपर्वत क्षेत्र की विजयनगर कॉलोनी में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के पैतृक आवास पर प्रदर्शन के मामले में कांग्रेस के प्रदेश संगठन महासचिव अनिल यादव और मथुरा जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर सहित छह आरोपियों ने अदालत में जमानत प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया। सीजेएम शारिब अली ने धाराओं में सात साल से कम सजा का प्रावधान होने पर रिहा करने के आदेश दिए। आरोपी जेल में निरुद्ध थे।

घटना 28 सितंबर की है। आरोप है कि कांग्रेस के प्रदेश संगठन महासचिव अनिल यादव और मथुरा जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर के नेतृत्व में दो दर्जन से अधिक कार्यकर्ता सीईसी के घर के बाहर पहुंच गए थे। एसआईआर के विरोध में प्रदर्शन किया। उस दौरान कांग्रेसियों ने उनके घर के गेट पर काले पेंट से अमर्यादित शब्द लिखे और जमकर नारेबाजी भी की थी। इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया।

मामले में पुलिस की ओर से अनिल यादव, मुकेश धनगर, राजेश, मनोज गाैड़, करण सिंह निषाद, विक्रम वाल्मीकि, उमेश शर्मा और राजा गाैतम नामजद और 20 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। जिसमें हत्या का प्रयास, अराजकता फैलाने और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने जैसी कई धाराएं लगाई गईं। कोर्ट ने विवेचक को निर्देश दिए कि धारा 109 (2) किन साक्ष्यों के आधार पर लगाई गई है, इसकी विवेचना पूरी कर जवाब दाखिल करें लेकिन शनिवार को विवेचक साक्ष्य पेश नहीं कर सका। इस पर कोर्ट ने 109 (2) हत्या की कोशिश और 121 (2) सरकारी कर्मचारी चोट पहुंचाने की धारा को हटा दिया।

इन्हें मिली जमानत

आजमगढ़ के थाना सिधारी के गांव शाहबाजपुर और हाल निवासी लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र में 13/बी सेक्टर 14 वृंदावन योजना निवासी अनिल यादव, मथुरा के कोतवाली थाना क्षेत्र के जनकपुरी मोहाली रोड निवासी मुकेश धनगर, सहमलपुरा की होली वाली गली निवासी मनोज गौड़, यमुनापार थाना क्षेत्र के ग्राम नगला पोला निवासी राजेश कुमार, पटलोनी निवासी राजा गौतम और थाना बल्देव के गांव हथौड़ा निवासी पंकज चौधरी।

 



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