शारदीय नवरात्र के पहले दिन और अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देवीपाटन मंदिर परिसर से नारी सम्मान, बालिका शिक्षा और स्वावलंबन का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि नारी का सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन ही रामराज्य की स्थापना का आधार है। समाज में महिलाओं की गरिमा सुरक्षित होगी और बेटियों को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलेंगे, तभी समृद्धि का रास्ता मजबूत होगा।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा की उड़ान पहल के तहत विद्यार्थियों को स्टडी टेबल, आशीर्वाद पत्र और पठन-पाठन सामग्री दी। राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिका खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इसके साथ ही किसान मेले और विभागीय प्रदर्शनी का शुभारंभ कर किसानों को कृषि यंत्र प्रदान किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शारदीय नवरात्र और अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस का एक साथ पड़ना नारी शक्ति के सम्मान का संकल्प दोहराने का अवसर है। सनातन परंपरा में मातृशक्ति की उपासना की जाती है। मां भगवती की आराधना का वास्तविक अर्थ भी यही है कि समाज प्रत्येक महिला की गरिमा, सम्मान और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध रहे। उन्होंने कहा कि सरकार मिशन शक्ति के माध्यम से महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए काम कर रही है। इस प्रयास को सफल बनाने के लिए समाज के हर व्यक्ति को आगे आना होगा।
मुख्यमंत्री ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि बेटा-बेटी के बीच भेदभाव खत्म करना और बालिकाओं को समान अवसर देना जरूरी है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत बेटियों को जन्म से लेकर आगे की पढ़ाई और अन्य महत्वपूर्ण पड़ावों पर आर्थिक सहायता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत सहायता राशि बढ़ाकर 25 हजार रुपये की गई है और पांच लाख बेटियों को इसका लाभ दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आर्थिक सहायता के साथ संपत्ति में अधिकार देना भी जरूरी है। प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास की धनराशि महिला मुखिया के नाम जारी करने की व्यवस्था की गई है। महिलाओं की गरिमा और स्वास्थ्य की रक्षा के लिए तीन करोड़ शौचालय निर्माण सहित विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। ग्रामीण आबादी की जमीन के अभिलेखों में भी महिलाओं को मालिकाना अधिकार उपलब्ध कराने की दिशा में काम हुआ है। उन्होंने नारी वंदन अधिनियम का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तीकरण का उद्देश्य केवल योजनाओं का लाभ देना नहीं, बल्कि महिलाओं को निर्णय लेने, आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी और अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर देना है।
