मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिशन रोजगार के अंतर्गत शनिवार को एक लाख नई नौकरियों का शुभारंभ किया। लोकभवन सभागार में उन्होंने नए चयनित 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए। साथ ही सरकार पर सवाल खड़ा करने वाले सपा नेताओं से कहा कि आप गिनते जाइए, हम छह महीने में एक लाख से अधिक नौजवानों को नियुक्ति देंगे।
सीएम ने कहा कि सपा में बहुत सारी भर्तियां ऐसी हुई थीं। इसमें आवेदन न करने वालों को भी नियुक्ति पत्र मिल गया और आवेदन करने वाले देखते रह गए। सीएम ने युवाओं से अपील की कि आपके भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के भविष्य से आप खिलवाड़ करें। आपको यह ताकत बाबा साहेब ने संविधान के माध्यम से दी है। सीएम ने आरोप लगाया कि 2017 से पहले उपदेशक चाचा-भतीजे की जोड़ी बेखौफ नौकरियों पर डकैती डालने निकलती थी, लेकिन 2027 के बाद ये उपदेश देने लायक भी नहीं रह पाएंगे।
उन्होंने कहा कि आज तीन विभागों के नियुक्ति पत्र दे रहे हैं। रविवार को भी युवाओं को नियुक्ति पत्र देंगे। यह प्रक्रिया अनवरत चलेगी। पुलिस में 36 हजार, होमगार्ड में 41-42 हजार युवाओं की नियुक्ति करेंगे। इनके मेडिकल व फिजिकल की प्रक्रिया चल रही है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) के अगले छह महीने में जारी होने वाले परिणामों से 25-30 हजार नए युवाओं को अवसर मिलेंगे।
उत्तर प्रदेश शिक्षा चयन आयोग से भी 20-25 हजार युवाओं की भर्ती होगी। तीन-चार महीने में इसके परिणाम आ जाएंगे। यूपीपीएससी की परीक्षाओं के बाद भी 15-16 हजार युवाओं को अलग-अलग विभागों में नियुक्ति मिलेगी। उन्होंने लोक सेवा आयोग व अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अधिकारियों को बधाई दी।
सीएम ने कहा कि आयोग व बोर्ड जब शासन की राजनीति का शिकार नहीं होते और परीक्षा की शुचितापूर्ण प्रक्रिया होती है, तो परिणाम भी ऐसे ही दिखते हैं। इस अवसर पर आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु, चिकित्सा शिक्षा व परिवार कल्याण राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, एमएसएमई राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा आदि मौजूद थे।
गदर मचाने वाले करें गिनती, हम नियुक्ति पत्र देते जाएंगे
सीएम ने कहा कि अब तक 9.50 लाख नौजवानों को नियुक्ति दी गई है। हम छह महीने में एक लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र देने जा रहे हैं। 2017 के पहले गदर मचाने वाले गिनती करें, हम नियुक्ति पत्र देते जाएंगे। 2017 के पहले तत्कालीन सरकार ने आयोगों-बोर्डों में भाई-भतीजों को बैठाकर पूरी प्रक्रिया को बदनाम कर दिया था। एक भी भर्ती ईमानदारी से नहीं होती थी।
