प्रदेश सरकार ने वेतन समिति-2016 की लंबित सिफारिशों पर बड़ा फैसला लेते हुए पुलिस सहित कई विभागों के कर्मचारियों के भत्तों में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में मुख्य सचिव समिति द्वारा विचारोपरांत दी गई संस्तुतियों को यथावत स्वीकार कर लिया गया। इन फैसलों के लागू होने से राज्य सरकार पर लगभग 20 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक वित्तीय भार आएगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद भत्तों में करीब 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो जाएगी।

कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि वेतन समिति-2016 की विभिन्न संस्तुतियों पर मुख्य सचिव समिति ने विचार कर अपनी सिफारिशें दी थीं। इनमें वर्दी, वर्दी नवीनीकरण और वर्दी धुलाई भत्ता, गृह (पुलिस) विभाग से संबंधित विभिन्न भत्ते, अधीनस्थ न्यायालयों के अधिकारियों और कर्मचारियों के भत्ते, अवकाश यात्रा सुविधा तथा शिक्षा संबंधी सहायता जैसे विषय शामिल थे। इसके अलावा बेसिक, माध्यमिक, उच्च, प्राविधिक, व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग, राज्यपाल सचिवालय, उत्तर प्रदेश विधानसभा सचिवालय और विधान परिषद सचिवालय से जुड़े मामलों पर भी विचार किया गया।

कैबिनेट ने गृह (पुलिस) विभाग के कार्मिकों को मिलने वाले भत्तों में वृद्धि करने का निर्णय लिया है। साथ ही न्याय विभाग के अधीनस्थ न्यायालयों, कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग, वन विभाग, आबकारी विभाग, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा आयुष विभाग के कर्मचारियों के वर्दी, वर्दी नवीनीकरण और वर्दी धुलाई भत्ते में भी बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है।

हालांकि, प्रेस नोट के अनुसार अन्य लंबित प्रकरणों में किसी प्रकार का संशोधन या अतिरिक्त निर्णय नहीं लिया गया है। सरकार का कहना है कि स्वीकृत सिफारिशों के लागू होने से संबंधित विभागों के कर्मचारियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा, जबकि राज्य सरकार पर लगभग 20 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक व्ययभार आएगा।



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