हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने शुक्रवार को आरओ/एआरओ भर्ती परीक्षा- 2023 में आरक्षण लागू किए जाने को लेकर विवाद मामले में, अगली सुनवायी के लिए 12 मई की तिथि नियत की है। साथ ही न्यायालय ने इन पदों पर अगली तिथि तक नई नियुक्तियाँ किए जाने पर अंतरिम रोक लगा दी है।
न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने यह आदेश विवेक यादव व अन्य की ओर से दाखिल विशेष अपील पर 8 मई को पारित किया है। उक्त अपील में एकल पीठ के 1 फरवरी 2026 के उस आदेश को चुनौती दी गई है जिसमें अपीलार्थियों की याचिका पर उन्हें अंतरिम राहत देने से इंकार कर दिया गया था।
अपीलार्थियों की ओर से दलील दी गई कि अपीलार्थी ओबीसी वर्ग से हैं जिन्हें प्रारम्भिक परीक्षा में जो मार्क्स मिले, वे सामान्य श्रेणी से मुख्य परीक्षा के लिए चयनित कम से कम 25 अभ्यर्थियों से अधिक थे, बावजूद इसके अपीलार्थियों को प्रारम्भिक परीक्षा में असफल घोषित कर दिया गया। वहीं, याचिका का विरोध करते हुए, राज्य सरकार व यूपी लोक सेवा आयोग के वकीलों ने न्यायालय को बताया कि उक्त भर्ती परीक्षा के तहत अधिकांश सफल अभ्यर्थियों को नियुक्तियाँ मिल चुकी हैं।
