इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि सरकारी कर्मचारी पर ड्यूटी के दौरान आरोप लगने पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश देने से पहले मामले की सावधानीपूर्वक जांच जरूरी है। हालांकि, इस प्रक्रिया को मिनी ट्रायल में नहीं बदला जा सकता। इस टिप्पणी के साथ न्यायमूर्ति संतोष राय की एकल पीठ ने महाराजगंज के उप निरीक्षक (एसआई) समेत 22 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के विशेष अदालत के आदेश को रद्द कर दिया।
घुघुली थाने में तैनात उप निरीक्षक राकेश कुमार यादव की आपराधिक अपील स्वीकार करते हुए कोर्ट ने प्रदेश के सभी न्यायिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि एफआईआर दर्ज करने का आदेश देने से पहले पुलिस का पक्ष और वैधानिक प्रक्रिया पर विचार करें। कोर्ट ने जिला एवं सत्र न्यायाधीशों को मासिक बैठकों में इन निर्देशों के अनुपालन की निगरानी करने का भी आदेश दिया। साथ ही, फैसले की प्रति न्यायिक अधिकारियों, जेटीआरआई (लखनऊ), जिलाधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (एसएसपी), पुलिस अधीक्षकों (एसपी) और पुलिस आयुक्तों को भेजने का निर्देश दिया।
