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हरदोई के मल्लावां में बालक से दुष्कर्म के बाद हत्या करने का आरोपी मैनूर मूलरूप से तो कन्नौज का रहने वाला है, लेकिन पिछले कई साल से वह मुंबई में रहता था। मुंबई से गांव आना जाना बना रहता था। पिछले एक माह से मैनूर गांव में ही था।
ग्रामीणों से मिली जानकारी के मुताबिक एक मई को वह कन्नौज में एक मुकदमे की पेशी पर गया था। इसके बाद वापस गांव नहीं गया था। फिर बुधवार सुबह ही परिजनों को इनकाउंटर होने और दो गोलियां लगने से मैनूर की मौत हो जाने की जानकारी ठठिया थाने की पुलिस से हुई। मृतक नौ भाई बहनों में चौथे नंबर का था। बड़े भाई मैनुष के साथ पांच साल पहले मुंबई चला गया था और वहीं ऑटो चलाने लगा था।
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मैनूर की फाइल फोटो
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
तो 21 अप्रैल को चोरी करते पकड़ा गया था मैनूर
कन्नौज जनपद से जुड़े सूत्र बताते हैं कि ठठिया थाना क्षेत्र के अलियापुर गांव में 21 अप्रैल की रात मैनूर ने एक मकान में चोरी की घटना को अंजाम दिया था। इसी दौरान गांव के लेागों ने उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।
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मुठभेड़ में घायल पुलिस जवान अस्पताल में भर्ती
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खास बात यह रही कि पुलिस ने उसे थाने से ही छोड़ दिया। उसका अपराधिक इतिहास भी नहीं देखा गया। बुधवार को चर्चा रही कि अगर पुलिस ने उसका इतिहास देखा होता तो शायद न तो बालक के साथ घटना होती और न ही मुठभेड़ में मैनूर की जान जाती।
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मुठभेड़ स्थल पर जांच करती पुलिस
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दो गोलियां मैनूर के सीने से हुईं पार, मासूम का गला दबाकर पत्थर भी पटका था
मैनूर के शव का पोस्टमार्टम पैनल से कराया गया। पोस्टमार्टम की वीडियेाग्राफी भी कराई गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला कि मैनूर के सीने में दो गोलियां लगीं, दोनों गोलियां सीने और फेफड़े को चीरते हुए आर आर हो गईं।
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मुठभेड़ स्थल पर जांच करती पुलिस
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने बेहद गोपनीयता से मैनूर का शव परिजनों के हवाले कर दिया। परिजन शव लेकर गांव चले गए। उधर दूसरी ओर मासूम का भी पोस्टमार्टम पैनल से वीडियेाग्राफी के बीच कराया गया।