शनि ऐसे शामिल हुआ हत्याकांड में
आरोपी शनि गुप्ता समोसे-कचौड़ी की दुकान चलाता था। दोनों के बीच सिर्फ कारोबारी संबंध नहीं थे, बल्कि कई वर्षों पुरानी गहरी दोस्ती थी। दोनों अक्सर साथ बैठकर शराब पीते थे। घंटों समय बिताते थे। इसी दोस्ती का फायदा उठाकर अभिषेक ने परिवार के तीन सदस्यों की हत्या में शनि को शामिल किया। बाद में लालच में आकर शनि ने अभिषेक को भी मौत के घाट उतार दिया।
भरोसे के सवाल पर बढ़ा था दोनों में विवाद
मुट्ठीगंज निवासी आरोपी शनि गुप्ता ने बताया कि घर से गहने लूटने के बाद अभिषेक उसे पूरा हिस्सा नहीं दे रहा था। बार-बार कह रहा था कि अभी इतना सामान ले जाओ, बाकी बाद में हिसाब कर लेंगे। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। शनि ने बताया कि विवाद के दौरान उसने अभिषेक से भरोसे को लेकर सवाल किया? कहा कि जब तुम संपत्ति के लिए अपने माता-पिता के नहीं हुए तो मुझे बचा हुआ हिस्सा क्यों दोगे? तुम पर कैसे भरोसा किया जा सकता है। इसके बाद मामला बढ़ गया और दोनों के बीच गालीगलौज होने लगी। गुस्से में आकर लोहे की रॉड से अभिषेक के सिर पर हमला कर दिया, जिसमें उसकी मौत हो गई।
भांजे की शिकायत पर दर्ज हुई एफआईआर
कीडगंज निवासी मंजीत केसरवानी ने पुलिस को तहरीर देकर घटनाक्रम की जानकारी दी। कोतवाली पुलिस ने हत्या, साजिश, लूट समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई।
जिस बेटे को गोद में खिलाया उसी ने उजाड़ दिया पूरा परिवार…
जिस बेटे को माता-पिता ने दुलार और प्यार से बड़ा किया, उसी ने अपने दोस्त के साथ मिलकर पूरे परिवार को खत्म करने की साजिश रच डाली। घटना से स्तब्ध पड़ोसी और रिश्तेदार इस सच्चाई को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं।




