उत्तर प्रदेश में होने वाली सिपाही भर्ती परीक्षा को लेकर मुख्य सचिव एसपी गोयल ने बुधवार को सभी जिलों के मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों व अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर अहम निर्देश दिए। उन्होंने कहा भर्ती परीक्षा में किसी तरह की कोई गड़बड़ी की आशंका न रहे, इसके पूरे इंतजाम किए जाएं। इसमें किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। सभी केंद्रों पर तैनात कर्मचारियों की ई-केवाईसी अनिवार्य होगी और बिना सत्यापन किसी को भी प्रवेश नहीं मिलेगा। केवल सत्यापित राजकीय कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। साथ ही पूरी तैनाती रैंडमाइजेशन प्रक्रिया के तहत होगी, ताकि किसी प्रकार की सांठगांठ की संभावना न रहे। उन्होंने निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। सेक्टर मजिस्ट्रेट यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी उपकरण क्लॉक रूम में जमा हों। वहीं, नियंत्रण कक्ष और स्ट्रॉन्ग रूम को छोड़कर अन्य अप्रयुक्त कमरों को सील किया जाएगा। केंद्र प्रभारी पुलिस अधिकारी रोजाना परीक्षा केंद्रों का सैनिटाइजेशन भी कराएंगे।
28.86 लाख अभ्यर्थी होंगे शामिल
32,679 पदों के लिए आयोजित होने वाली परीक्षा में 28.86 लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा प्रदेश के सभी 75 जिलों के 1180 केंद्रों पर दो पालियों में कराई जाएगी। बैठक में भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष डीजी एसबी शिरडकर ने बताया कि परीक्षा रोजाना दो पालियों में होगी। पहली पाली सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 से शाम 5 बजे तक आयोजित की जाएगी।