मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षा विभाग के शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए बुधवार को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना की शुरुआत की है। इससे बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के लगभग 12 लाख शिक्षक व कार्मिक तथा उनके परिवार लाभान्वित होंगे।
इस योजना के संचालन के लिए राज्य सरकार प्रति शिक्षक 3000 वार्षिक प्रीमियम का पूरा भुगतान करेगी, जिस पर सालाना लगभग 450 करोड़ व्यय होगा। बेसिक शिक्षा विभाग के लगभग 9.17 लाख शिक्षक व कार्मिक लाभान्वित होंगे। इनमें परिषदीय विद्यालयों के 434226 शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारी, स्ववित्तपोषित मान्यता प्राप्त विद्यालयों के 472735 शिक्षक, सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों के 13380 शिक्षक एवं कर्मचारी, 167646 शिक्षामित्र एवं अनुदेशक, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के 7479 वार्डेन, शिक्षक एवं कार्मिक, विशेष शिक्षक (सीडब्ल्यूएसएन) तथा प्रधानमंत्री पोषण योजना के पात्र रसोइये शामिल हैं। इसके साथ ही इन सभी के पात्र कार्मिकों के साथ उनके परिवारों को भी योजना का लाभ मिलेगा।
माध्यमिक के 2.98 लाख शिक्षक व कार्मिक भी आएंगे दायरे में
योजना से माध्यमिक शिक्षा विभाग के लगभग 2.98 लाख शिक्षक व कार्मिक लाभान्वित होंगे। इनमें अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक एवं सम्बद्ध प्राइमरी विद्यालयों के 67548 प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता, सहायक अध्यापक एवं मानदेय शिक्षक, अशासकीय सहायता प्राप्त संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों के 2120 शिक्षक व कर्मचारी, व्यावसायिक शिक्षा योजना के 2000 विषय विशेषज्ञ, स्ववित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों के 224525 प्रधानाचार्य, प्रवक्ता व शिक्षक तथा स्ववित्तपोषित संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों के 1386 प्रधानाचार्य व शिक्षक शामिल हैं। इनके परिवारों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी।
