सहपऊ के गांव थरौरा में संदिग्ध हालत में विवाहिता की मौत के बाद शुक्रवार को ससुरालियों ने शव जला दिया। जब तक मायके वाले पहुंचे शव पूरी तरह जल चुका था। मायके वालों ने पानी डालकर चिता को बुझाने का प्रयास किया। सफल न होने पर दमकल बुलाई गई। मायके वालों ने हत्या कर शव जलाने का आरोप लगाया है। ससुराली घर से भागे हुए हैं।
गांव जायमई, सिरसागंज, फिरोजाबाद की निर्मला देवी (34) की शादी 3 फरवरी 2012 को गांव थरौरा निवासी अमित कुमार उर्फ जैकी से हुई थी। शादी के बाद से ही दंपती में अनबन शुरू हो गई थी। करीब डेढ़ साल बाद निर्मला मायके चली गई थी। उसने पति के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दायर कर दिया था। 10 साल तक दंपती में विवाद चला। चार साल पहले कोर्ट के आदेश पर निर्मला ससुराल में रहने लगी। निर्मला के कोई संतान नहीं थी।
पिता सुरेशचंद्र ने बताया कि शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे उन्हें छोटी बेटी अंजली से पता चला कि निर्मला की मौत हो गई। अंजली को थरौरा गांव के ही एक व्यक्ति ने इसकी जानकारी दी। बताया कि शुक्रवार की सुबह निर्मला की मौत हुई और दोपहर करीब दो बजे उन्होंने निर्मला के शव को खेत पर ले जाकर जलाते हुए देखा। पिता ने ससुरालियों से संपर्क साधने का प्रयास किया लेकिन किसी का फोन नहीं उठा। उसने पिता को बताया तो वह निर्मला की ससुराल की ओर चल दिए। उन्होंने रास्ते से ही 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी।
