कई आपराधिक मामलों में नामजद नत्थू कुशवाहा की जमानत अर्जी विशेष न्यायाधीश नेत्रपाल सिंह की अदालत ने निरस्त कर दी। उसने अपना आपराधिक रिकॉर्ड न्यायालय से छिपाते हुए उच्च न्यायालय के एक दिशा-निर्देश का लाभ लेने का प्रयास करते हुए जमानत लेने का प्रयास किया।

अभियोजन के अनुसार, नत्थू कुशवाहा पर तमाम आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुए थे लेकिन गिरफ्तारी नहीं हुई। इसका फायदा उठाकर नत्थू ने अधिवक्ता के माध्यम से विशेष न्यायालय में जमानत अर्जी दाखिल कर दी। उसकी ओर से बच्ची देवी बनाम उत्तर प्रदेश शासन मामले में हाईकोर्ट के दिशा-निर्देश का हवाला भी दिया गया। इस दिशा-निर्देश में आरोपी की गिरफ्तारी के बिना न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल हो जाने पर उसे लाभ मिल सकता है। वादी रामनरेश की ओर से आपत्ति जताने पर मामले की छानबीन कराई गई। उसके आपराधिक रिकॉर्ड के बारे में जानकारी जुटाई गई।

28 आपराधिक मामले हैं दर्ज

मालूम चला कि उसके खिलाफ 28 आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसका लंबा आपराधिक इतिहास न्यायालय से छिपाया गया। न्यायालय ने इसे गंभीरता से लिया। इस आधार पर कोर्ट ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी। विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि केवल इसी न्यायालय से चार गिरफ्तारी वारंट जारी हैं।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *