आगरा रेल मंडल में पटरियों से लेकर एसी कोचों तक चूहों की हुकूमत चल रही है। बीते सात वर्षों में रेलवे ने चूहों और कीटों के सफाए पर लगभग 70 लाख रुपये खर्च कर दिए। इसके बाद भी चूहे रेलवे के बजट के साथ-साथ यात्रियों का सामान चट कर रहे हैं।
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आगरा रेल मंडल में पटरियों से लेकर एसी कोचों तक चूहों की हुकूमत चल रही है। बीते सात वर्षों में रेलवे ने चूहों और कीटों के सफाए पर लगभग 70 लाख रुपये खर्च कर दिए। इसके बाद भी चूहे रेलवे के बजट के साथ-साथ यात्रियों का सामान चट कर रहे हैं।
मंडल में वर्ष 2019 से 30 जून 2023 तक पेस्ट और रोडेंट कंट्रोल पर 41,37,547 रुपये खर्च किए गए। इसके बाद भी चूहों की उछल-कूद कम नहीं हुई। आगरा रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी संजय कुमार गौतम ने बताया कि जुलाई 2023 में 35,46,384 रुपये का नया अनुबंध किया गया था, जो 30 जून 2027 तक प्रभावी है।