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राम मंदिर के चढ़ावा प्रकरण में रोज नए तथ्य सामने आ रहे हैं। इससे मंदिर प्रबंधन पर लग रहे आरोपों के साथ-साथ संदेह भी बढ़ता जा रहा है। मंदिर निर्माण के समय दान देने वाले कुछ श्रद्धालु खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं और दान में दी गई वस्तुओं का सार्वजनिक हिसाब मांग रहे हैं।
इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के नॉर्थ इंडिया हेड अनुराग रस्तोगी ने बताया कि देशभर के सराफा कारोबारियों ने 10-10 और 20-20 ग्राम चांदी भेजकर करीब 60 किलो चांदी एकत्र की थी। इसे गलाकर एक से सवा किलो वजन की ईंटें तैयार की गई थीं, जिन पर दानदाताओं के नाम और गोत्र अंकित थे। इसके अलावा ऋषिकेश एसोसिएशन की ओर से एक किलो चांदी का कलश भी भेंट किया गया था। ईंटों को नींव पूजन में उपयोग करने का अनुरोध किया गया था, लेकिन बाद में इनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली।
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राम मंदिर
– फोटो : अमर उजाला डिजिटल
रस्तोगी का दावा है कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से एक-एक किलो के दो चांदी के दीपक, दो चांदी के कटोरे, 200 ग्राम की पंचधातु सिल्ली और नाग-नागिन का जोड़ा दिया था। एक दीपक में डॉ. अनिल मिश्रा और उनकी पत्नी ने अखंड ज्योति जलाई थी, जो प्राण प्रतिष्ठा के दौरान तस्वीरों में भी दिखाई दी थी। हालांकि, मंदिर बनने के बाद न तो वह दीपक दिखाई दे रहा है और न ही भोग के लिए दिए कटोरे। उन्होंने सभी दान सामग्री का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की है।
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राम मंदिर में प्रवेश करती एसआईटी की टीम
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
न्यायिक आयोग बनाने के लिए याचिका
चढ़ावे में हेरफेर मामले में उच्चस्तरीय न्यायिक आयोग गठित करने के अनुरोध वाली एक नई जनहित याचिका (पीआईएल) शनिवार को हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में दाखिल हुई है। कोर्ट के रजिस्ट्री अनुभाग में इस पीआईएल पर अगले सप्ताह सुनवाई संभावित है। अधिवक्ता मोतीलाल यादव की पीआईएल में राज्य सरकार समेत पुलिस महानिदेशक, अयोध्याडीएम, एसएसपी, ट्रस्ट सचिव को पक्षकार बनाया गया है।
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राम मंदिर में दान की राशि के गबन की जांच जारी।
– फोटो : अमर उजाला
इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसो. की ओर से भेंट की गई थीं ईटें
रस्तोगी के मुताबिक, 20 जुलाई 2020 को चंपत राय की सहमति के बाद ये चांदी की ईंटें अयोध्या स्थित रामकचहरी में सौंपी गई थीं। उस समय चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और कैशियर प्रकाश गुप्ता मौजूद थे। दान सामग्री स्वीकार करने के बाद शुद्धता प्रमाण पत्र और रसीद भी जारी की गई थी। उनका कहना है कि इन ईंटों को नींव पूजन में उपयोग करने का अनुरोध किया गया था, लेकिन बाद में इनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली।
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अयोध्या का राम मंदिर।
– फोटो : amar ujala
जांच पूरी होने तक कार्रवाई की जरूरत नहीं : पुलिस
दान राशि और आभूषणों के प्रबंधन में गड़बड़ियों को लेकर दी गई शिकायत पर पुलिस ने रिपोर्ट लगा दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच पहले से एसआईटी कर रही है, इसलिए उसकी रिपोर्ट आने तक किसी अलग कार्रवाई की जरूरत नहीं है।