श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी का बड़ा खुलासा हुआ है। यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को एसआईटी की स्थिति रिपोर्ट सौंपी है। रिपोर्ट के अनुसार, सीसीटीवी कैमरों में चढ़ावा चोरी की 70 नहीं, बल्कि 105 घटनाएं दर्ज हैं। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने शीर्ष अदालत को इसकी जानकारी दी।
मेहता ने पीठ को बताया कि जांच दल दो दिन के भीतर आरोपपत्र दाखिल करेगा। जांच में सीसीटीवी फुटेज के साथ आरोपियों के बयान और अन्य साक्ष्य भी शामिल किए गए हैं। एसआईटी ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में 70 चोरी की घटनाओं का जिक्र किया था। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ के समक्ष सुनवाई हुई।
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Ram Mandir
– फोटो : अमर उजाला
मेहता ने सोमवार को बताया कि पहली गिरफ्तारी से 90 दिन की अवधि 25 सितंबर को पूरी हो रही है। यदि इस तारीख से पहले आरोपपत्र दाखिल नहीं हुआ, तो आरोपियों को डिफॉल्ट जमानत मिल सकती है। इसलिए, दो दिनों के भीतर आरोपपत्र दाखिल करने का निर्णय लिया गया है।
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राम मंदिर
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पीठ ने संबंधित मजिस्ट्रेट को निर्देश दिया कि आरोपपत्र पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। सुनवाई के दौरान स्थिति रिपोर्ट का गहन अध्ययन किया गया। इस रिपोर्ट में गिरफ्तारियों की संख्या और जुटाए गए सबूतों का विवरण था। सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों का भी इसमें जिक्र था। अदालत ने सभी प्रस्तुत जानकारियों को रिकॉर्ड पर दर्ज कर लिया।
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याचिकाकर्ताओं ने एसआईटी रिपोर्ट की प्रति उपलब्ध कराने की मांग की, पर सुप्रीम कोर्ट ने ठुकरा दिया। स्पष्ट कहा कि वह मामले को सत्र न्यायाधीश के हाथों से नहीं निकालना चाहती। जरूरत पड़ने पर जांच के आदेश दिए जा सकते हैं।
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चार्जशीट में पता चलेगा-कितनी चोरी हुई
एसआईटी जांच में मंदिर परिसर में चढ़ावे की रकम की गिनती और उसे जमा करने की प्रक्रिया को भी जांच के दायरे में रखा गया। रिपोर्ट के अनुसार मंदिर में मिलने वाले कीमती सामान की रसीद सॉफ्टवेयर के जरिये तैयार की जाती है और बाद में उसे एसबीआई के लॉकर में रखा जाता है।