राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले का आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू पहले ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के चालक के रूप में मंदिर से जुड़ा था। समय के साथ उसने अपनी निजी गाड़ी ट्रस्ट में किराये पर लगा दी। इसके एवज में उसे हर महीने ट्रस्ट से भाड़ा मिलता था। अब पुलिस आरोपी की आय के अन्य स्रोतों की भी पड़ताल कर रही है।

राम मंदिर की दान पेटिकाओं से अनियमितता और चढ़ावा चोरी मामले में आठ आरोपी जेल में बंद हैं। इनमें चंपत राय के चालक टिन्नू यादव का नाम प्रमुख रूप से सामने आ रहा है। उसके पास से नकदी के रूप में तो सिर्फ एक लाख रुपये बरामद हुए थे लेकिन उसका आर्थिक नेटवर्क विस्तृत बताया जा रहा है। जांच में पता चला कि स्वयं चालक की भूमिका में मंदिर से जुड़ने के बाद उसका आर्थिक साम्राज्य बढ़ने लगा था।

ये भी पढ़ें – राम मंदिर चढ़ावा चोरी: ट्रस्ट का सख्त फैसला, चंपत राय की हुई विदाई; कृष्ण मोहन देखेंगे मंदिर की व्यवस्था



ये भी पढ़ें – राम मंदिर: कौन हैं बजरंग लाल बागड़ा? बनाए जा सकते हैं चंपत राय की जगह राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव

ट्रस्ट के महासचिव का बेहद करीबी होने के नाते उसका रसूख था। हर क्षेत्र में कई बड़े निर्णय तो वह अकेले ही ले लेता था। इसी रसूख के बल पर उसने लगभग चार साल पहले अपना एक वाहन मंदिर ट्रस्ट में भाड़े पर लगवाया था। इससे हर माह उसे अच्छा-खासा भाड़ा मिलता था। राम मंदिर के प्रशासनिक कार्यों में दखल के कारण जिले की कई बड़ी हस्तियां उसके संपर्क में थीं। इनमें राजनीतिक लोग, व्यापारी व प्रशासनिक लोग भी शामिल थे।

प्रॉपर्टी डीलरों से भी जुड़े मिले तार

जांच के दौरान टिन्नू यादव के कुछ प्रॉपर्टी डीलरों से संपर्क भी सामने आए हैं। सूत्रों के अनुसार पुलिस को बातचीत और संभावित लेनदेन से जुड़े इनपुट मिले हैं, जिनका सत्यापन किया जा रहा है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि चोरी से जुड़े धन का इस्तेमाल कहीं जमीन या अन्य संपत्तियों में निवेश के लिए तो नहीं किया गया। इसी आधार पर कुछ और लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में लाई गई है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *