नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने आगरा-इटावा नेशनल हाईवे पर अंडरपास बनाने का काम तेज कर दिया है। अब तक 50 फीसदी काम पूरा हो चुका है। अगले 15 महीने में सभी अंडरपास तैयार हो जाएंगे। इनके बनने से आसपास के गांवों के करीब पांच लाख लोगों की राह आसान हो जाएगी।
आगरा-इटावा नेशनल हाईवे पर आठ अंडरपास बनाए जा रहे हैं। इसमें मोहम्मदाबाद, मीठेपुर, बेनीवाल कट टूंडला, इंदुमई, नौशेहरा, उखरैंड, मलाजनी और अरौंज में काम चल रहा है। अब तक करीब 50 फीसदी काम हो चुका है। अंडरपास बनने के बाद हाईवे को समतल किया जाएगा। इसके लिए दो-दो लेन बंद कर कार्य किया जाएगा, जिससे यातायात भी बाधित नहीं होगा।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक संदीप यादव ने बताया कि 15 महीने में सभी अंडरपास तैयार हो जाएंगे। इससे आसपास के सैकड़ों गांवों के लाखों लोगाें के लिए आवागमन की बेहतर सुविधा हो जाएगी। क्षेत्रीय लोगों का कहना है अंडरपास नहीं होने से अभी पांच से आठ किमी का चक्कर लगाकर खेतों पर जाना पड़ता है। अंडरपास बनने से खेतीबाड़ी करना आसान हो जाएगा।
दिल्ली से आगरा तक लगाए जा रहे हैं कैमरे
एनएचएआई अधिकारी ने बताया कि दिल्ली से आगरा तक हाईवे पर हाईटेक कैमरे लगाए जा रहे हैं। इन कैमरों को एनएचएआई के नियंत्रण कक्ष से जोड़ा जाएगा। इससे कहीं पर जाम लगने, वाहन पलटने, हादसा होने समेत अन्य की जानकारी तत्काल मिल सकेगी और रैपिड रिस्पांस टीम भेजी जा सकेगी।
