वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक अच्छी खबर है। नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान (लखनऊ चिड़ियाघर) के वन्यजीवों को कुकरैल नाइट सफारी में शिफ्ट करने के बजाय, इसी परिसर में एक नया चिड़ियाघर बनाया जाएगा। इसके निर्माण से पर्यटकों और दर्शकों को यहां 24 घंटे भ्रमण करने का अवसर मिलेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने कुकरैल नाइट सफारी के निर्माण कार्य की अनुमति दे दी है। इस आदेश के आधार पर वन विभाग निर्माण कार्य शुरू करने की योजना बना रहा है। परिसर में वन्यजीवों को किसी भी तरह का खतरा न हो, इसके लिए केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) के नियमों का कड़ाई से पालन किया जाएगा।
कुकरैल नाइट सफारी के निदेशक रामकुमार ने बताया कि पर्यावरण और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित सीईसी की निगरानी में सभी कार्य पूरे किए जाएंगे। पहले चरण में नाइट सफारी का काम शुरू होगा। इस योजना के तहत परिसर में ही नया चिड़ियाघर बनाने का भी प्रस्ताव है। जिससे यहां आने वाले वन्यजीव प्रेमी दिन और रात दोनों समय प्राकृतिक वातावरण को करीब से देख सकेंगे।
54 से अधिक वन्यजीवों का होगा प्राकृतिक आवास
कुकरैल नाइट सफारी 54 से अधिक प्रजातियों के वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास बनेगी। इसके लिए 38 से अधिक विशेष बाड़े (एन्क्लोजर) तैयार किए जाएंगे। परिसर में मांसाहारी और शाकाहारी, दोनों तरह के वन्यजीव रहेंगे। इनमें एशियाटिक लायन, रॉयल बंगाल टाइगर, तेंदुआ, लकड़बग्घा, भालू, दरियाई घोड़ा, ज़ेबरा, उड़न गिलहरी, घड़ियाल और मगरमच्छ शामिल होंगे। इस नाइट सफारी की सबसे खास बात यह होगी कि वन्यजीवों को बंद पिंजरों में रखने के बजाय बाधारहित खुले वन क्षेत्र (कैटल ग्रिड) में रखा जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश की कॉपी का इंतजार
निदेशक रामकुमार ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश की कॉपी वेबसाइट पर अपलोड होने का इंतजार है। आदेश की प्रति का बारीकी से अध्ययन करने के बाद उच्च स्तरीय बैठक की जाएगी। उम्मीद है कि इस साल अगस्त-सितंबर तक निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। कुकरैल नाइट सफारी के निर्माण के लिए सरकार की ओर से 206 करोड़ रुपये का बजट भी जारी कर दिया गया है और ठेकेदार का चयन भी कर लिया गया है।
