खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजधानी लखनऊ में जन्माष्टमी का त्योहार बड़े धूमधाम से मनाया गया। शहर के विभिन्न मंदिरों में भगवान कृष्ण की विशेष पूजा-अर्चना और झांकियां सजाई गईं। भक्तों ने भजन-कीर्तन में भाग लिया और रात 12 बजे भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। इसके साथ ही, कई जगहों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन हुआ, जिसमें कृष्ण लीलाओं का मंचन किया गया।
रिजर्व पुलिस लाइंस में जन्माष्टमी का पावन पर्व पूरी भव्यता के साथ मनाया गया। इसमें सीएम योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित करके समारोह का शुभारंभ किया। साथ ही झांकियों को देखा। इस दौरान कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा, विधायक जय देवी, विधायक नीरज बोरा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
2 of 12
जनभवन में श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाया गया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव
– फोटो : विभाग।
जनभवन में श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाया गया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की उपस्थिति में जनभवन परिसर स्थित मंदिर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर राज्यपाल ने मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण का विधिवत पूजन-अर्चन कर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि एवं कल्याण की कामना की।
3 of 12
जनभवन में मनमोहक झांकियों की प्रस्तुति।
– फोटो : विभाग
कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों श्रीकृष्ण भजन, नृत्य तथा भगवान श्रीकृष्ण के जीवन एवं लीलाओं पर आधारित मनमोहक झांकियों की प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर जनभवन के अधिकारी, कर्मचारी एवं उनके परिवारजन उपस्थित रहे तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद लिया।
4 of 12
घर-घर मनाया गया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव
– फोटो : अमर उजाला
घर-घर मनाया गया श्रीकृष्णजन्मोत्सव
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व, जो कि भगवान कृष्ण के जन्म का प्रतीक है, लखनऊ में बड़े ही उत्साह और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। मंदिरों से लेकर घरों तक, हर जगह ‘जय कन्हैया लाल की’ की गूंज सुनाई दी।
5 of 12
जगह-जगह भजन कीर्तन का आयोजन।
– फोटो : अमर उजाला
इस शुभ अवसर पर, महिलाओं ने पूरी श्रद्धा से व्रत रखा। दिनभर घरों में भजन-कीर्तन का सिलसिला चलता रहा, जिसमें भक्तों ने भगवान कृष्ण की महिमा का गुणगान किया। देर रात, भगवान के जन्मोत्सव के बाद, प्रसाद का वितरण किया गया, जिसे पाकर भक्तों के चेहरे खुशी से खिल उठे।