
राजधानी लखनऊ में रोडवेज बसों की हालत खस्ता है। आग बुझाने के यंत्र बदहाल व खाली पड़े। फर्स्ट एड बॉक्स या तो खाली हैं या कबाड़ की तरह पड़े है। यह नजारे किसी प्राइवेट बस का नहीं बल्कि कैसरबाग बस स्टेशन पर खड़ी रोडवेज एवं अनुबंधित बसों के हैं। गर्मी में वाहनों में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। चार दिन पहले किसान पथ पर स्लीपर बस में आग लगने से पांच लोग जिंदा जल गए। इसके बाद रोडवेज बसों की ये तस्वीरें लोगों को डरा रही हैं। सवाल यही है कि यदि किसी कारण दुर्घटना होती है या बस में आग लग जाती है तो यात्रियों की जान कितनी सुरक्षित है। फोटो और नाम ना छापने की शर्त पर एक चालक ने बताया कि जो सिलेंडर मिलते हैं, कुछ दिन में उनका प्रेंशर कम हो जाता है। इसका हमें पता भी नहीं चलता। वहीं अनुबंधित बस के चालक ने बताया कि मालिक ने एक बार ही दिया था। उसके बाद खबी पूछा भी नहीं।
