
मेरा रंग फाउंडेशन द्वारा आयोजित संगोष्ठी ‘स्त्रियों के संवैधानिक अधिकार और राज्य की भूमिका’ आज लखनऊ के कैफ़ी आज़मी सभागार में संपन्न हुई। कार्यक्रम की प्रमुख वक्ता पूर्व कुलपति और जानी-मानी सोशल एक्टिविस्ट प्रो. रूपरेखा वर्मा ने कहा कि “कानून तो बहुत हैं, और सख्त भी हैं, मगर उनका पालन नहीं होता। स्त्री से जुड़े मामलों में इतनी देरी होती है कि वह थक जाती है। मायके जाना नहीं चाहती, ससुराल में पिटती है और अपने लिए न्याय हासिल करने में अकेली पड़ जाती है।
