हसनपुर क्षेत्र में विधायक उमेश शर्मा के फार्म हाउस में पुलिस और सीआरपीएफ कर्मियों को गृह विभाग की जांच टीम बताकर ठहराने के आरोपों में घिरे रजबपुर थाने के दरोगा नरेशपाल राणा को रविवार को निलंबित कर दिया गया। उनका इन लोगों से कोई संपर्क या संबंध तो नहीं है, इसकी भी जांच की जा जाएगी। दरअसल घटना के बाद 24 सेकंड का जो एक वीडियो सामने आया था, जिसमें पीड़िता नरेशपाल राणा का नाम लेती सुनाई दे रही है।

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युवती से दरिंदगी करने के आरोपी पुलिस और सीआरपीएफ कर्मी
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वीडियो सामने आने के बाद एसएसआई थाने से गैरहाजिर हो गए। एसपी लखन सिंह यादव ने बताया कि घटना के समय फार्म हाउस पर नरेशपाल राणा की लोकेशन नहीं मिली है और उनकी किसी गलत गतिविधि में शामिल होने की पुष्टि भी नहीं हुई है। हालांकि, थाने से बिना बताए गैरहाजिर होना अनुशासनहीनता है। इसलिए उन्हें निलंबित किया गया है।

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हसनपुर में युवती के साथ दरिंदगी
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उन्होंने बताया कि अब नरेशपाल राणा और गिरफ्तार आरोपियों के बीच संपर्क कैसे हुआ और उनके बीच क्या संबंध थे, इसकी भी जांच की जाएगी। सीओ नौगावां सादात को पूरे मामले की जांच सौंपी गई है। सीओ सिटी डॉ. प्रदीप कुमार की जांच में भी घटना के समय फार्म हाउस पर नरेशपाल राणा की लोकेशन नहीं मिली है।

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अमरोहा एसपी लखन यादव
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सामूहिक दुष्कर्म पर महिला आयोग सख्त, मांगी रिपोर्ट
राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने अमरोहा में सीआरपीएफ और यूपी पुलिस के कर्मचारियों द्वारा हरियाणा निवासी युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए डीजीपी से सात दिन के भीतर रिपोर्ट तलब की है। आयोग की अध्यक्ष विजया राहतकर ने डीजीपी को पत्र लिखकर इस मामले में आरोपियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का ब्योरा भी मांगा है।

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विधायक उमेश शर्मा का फार्म हाउस। यहां युवती से दरिंदगी हुई थी
– फोटो : संवाद
हसनपुर क्षेत्र में उत्तराखंड के खानपुर विधायक उमेश शर्मा के फार्म हाउस में हरियाणा की युवती के साथ 22 सितंबर की रात सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई थी जिसका आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग द्वारा जारी बयान में कहा गया कि इसमें यूपी पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के कर्मियों की कथित संलिप्तता होना गंभीर मामला है और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी और विभागीय कार्रवाई होनी चाहिए।
