उरई। जिले में बीबीजीरामजी का काम कागजों पर खूब फल-फूल रहा है। शुक्रवार को जिले में दिनभर बारिश होती रही। कई इलाकों में लोगों का घरों से निकलना मुश्किल रहा, लेकिन बीबीजीरामजी के रिकॉर्ड में जिले के आठ ब्लॉकों में 3,067 मजदूर काम करते दर्ज किए गए। हैरानी की बात यह है कि अगले ही दिन शनिवार को मजदूरों की संख्या घटकर करीब एक हजार रह गई।

ग्रामीणों ने तंज कसते हुए कहा कि जब शुक्रवार को लोग बारिश से बचने के लिए घरों में रहे तो शायद बीबीजीरामजी के मजदूर छाता लगाकर काम कर रहे थे। हकीकत यह है कि कई स्थानों पर मौके पर काम दिखाई नहीं देता। कहीं काम वाली जगह पर घास उगी है तो कहीं जमीन समतल पड़ी है। इसके बावजूद ऑनलाइन रिकॉर्ड में मजदूरों की हाजिरी लगातार दर्ज होती रही।

शुक्रवार को डकोर ब्लॉक में 115, जालौन में 108, कदौरा में 386, कुठौंद में 686, माधौगढ़ में 789, महेवा में 652, नदीगांव में 94 और रामपुरा में 137 मजदूर बीबीजीरामजी के काम में लगे दर्ज किए गए। इस तरह आठ ब्लॉकों में कुल 3,067 मजदूरों की हाजिरी दर्ज हुई। वहीं शनिवार को यह संख्या अचानक घटकर करीब एक हजार रह गई।

बारिश में काम या कागजों पर हाजिरी?

ग्रामीणों का कहना है कि बीबीजीरामजी में पहले से ही कई कामों के धरातल पर न होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। बारिश के दौरान भी हजारों मजदूरों की हाजिरी दर्ज होना पूरे मामले की जांच की जरूरत को दर्शाता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि शुक्रवार को जिन कार्यस्थलों पर मजदूरों की हाजिरी दर्ज की गई, वहां मौके पर पहुंचकर जांच कराई जाए।

वर्जन

इस मामले की जांच कराई जाएगी, अगर बारिश में यह काम कराया गया है, और धरातल पर नहीं हुआ है, तो इसकी जांच करवाकर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। – केके सिंह, सीडीओ।



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