आगरा के खेरागढ़ के विधायक भगवान सिंह कुशवाह के भतीजों की सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर विधायक के भाई व करीबियों से करीब 61 लाख रुपये की ठगी की गई। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर एक आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है। उससे कई सुराग मिले हैं।
पीड़ित खेरिया मोड़ निवासी विजय पाल कुशवाह ने बताया कि उनकी पत्नी मंजू खेरागढ़ में प्राइमरी स्कूल में शिक्षिका हैं। वहीं नगला कमाल में जीबी डिग्री कॉलेज में राजेश बघेल (निवासी कठपुरी, सिरसागंज) 2008 से प्रिंसिपल थे। पत्नी की सहेली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने पत्नी को बताया कि राजेश बघेल के कई विभागों में संबंध हैं और उसने उनके बेटे की प्रदूषण विभाग में सरकारी नौकरी लगवाई है। पत्नी ने उसके माध्यम से राजेश से संपर्क किया। पहले 10 लाख रुपये में छोटे बेटे प्रशांत की जिला पंचायत में नौकरी लगाने का वादा किया। पत्नी ने गहने गिरवी रखकर 5 लाख रुपये दे दिए।
अगले ही दिन उसने लखनऊ जवाहर भवन बुलाया और वहां जॉइनिंग लेटर दिला दिया। हाथरस में उसे एक व्यक्ति ने जॉइन कराया और तीन माह की ट्रेनिंग करवाई। आरोपी ने कन्नौज पीडब्ल्यूडी में बड़े बेटे निशांत की नौकरी लगाने का वादा किया। वहां के अधिकारी बेटे को सब ठीक होने की बोलकर ट्रेनिंग कराने लगे। उनसे कुल 21 लाख रुपये लिए गए। इसके बाद उनके क्षेत्रीय पार्षद के बेटे की नौकरी लगवाने के नाम पर 13 लाख लिए। उसे लखनऊ प्रदूषण विभाग का लेटर दिलाया और रायबरेली में ट्रेनिंग कराई।
उनके समधी डाॅ. रतन सिंह को भरोसे में लेकर कन्नौज में ही पीडब्ल्यूडी में नौकरी के नाम पर 11.5 लाख रुपये ले लिए। रिश्ते के मामा की बेटी की नौकरी के नाम पर 11 लाख रुपये लिए। सभी को तीन माह की ट्रेनिंग कराई गई। इसके बाद विभागों से सभी को राजेश बघेल से बात करने की बोलकर आने से मना कर दिया गया। जिन लोगों के खातों में आरोपियों ने रुपये डलवाए सभी ने फोन उठाना बंद कर दिया। आरोपी के साथ उसका बेटा योगेंद्र सिंह, एक युवती अनुज, कानपुर का मनोज समेत अन्य शामिल थे।
