सिविल लाइंस स्थित रेस्तरां के भीतर जिस दुस्साहसिक तरीके से एलएलबी छात्र संजय सिंह की हत्या की गई, उससे पुलिस भी पेशेवर शूटर के इस्तेमाल की आशंका जता रही है। घटनास्थल पर मौजूद लोगों के बयान और सीसीटीवी फुटेज से संकेत मिले हैं कि आरोपी पहले से पूरी तैयारी के साथ आया था और उसे संजय के रेस्तरां में होने की सटीक जानकारी थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, छोटा कद का युवक सीधे संजय की टेबल तक पहुंचा और कनपटी से सटाकर एक ही गोली मारी। गोली चलाने के बाद वह पिस्टल लहराते हुए बाहर निकला। पार्किंग में तैनात गार्ड ने उसे पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी धक्का देकर बाहर खड़ी बिना नंबर की बाइक पर सवार अपने साथी के साथ फरार हो गया। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी बिहारी तिराहा होते हुए रक्सा टोल की ओर भागे।
महज छह मिनट में अंजाम दी वारदात
घटनास्थल के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों के अनुसार आरोपी रात 9:23 बजे रेस्तरां में दाखिल हुआ और 9:29 बजे वारदात को अंजाम देकर बाहर निकल गया। भीड़भाड़ वाले इलाके में महज छह मिनट के भीतर हत्या कर फरार हो जाना पुलिस के लिए भी चुनौती बना हुआ है।
100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की जांच
एसओजी और सर्विलांस टीम ने शुक्रवार को पूरे दिन घटनास्थल से लेकर रक्सा टोल तक लगे 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले हैं और आरोपी रक्सा की दिशा में जाते दिखाई दिए हैं। पुलिस ने संजय के साथ मौजूद उसके दोस्तों, प्रॉपर्टी कारोबारी धर्मेंद्र, शिवानी होटल से जुड़े शिवम समेत कई लोगों से पूछताछ की। पूछताछ में पता चला कि संजय हर बृहस्पतिवार को दतिया जाता था। घटना वाले दिन भी वह शाम करीब 4:30 बजे अधिवक्ता नारायण ओझा के साथ दतिया गया था और लौटने के बाद दोस्तों के साथ रेस्तरां में खाना खाने पहुंचा था। शिवम ने पुलिस को बताया कि हमलावर की लंबाई अधिक नहीं थी। पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। हत्या के पीछे की साजिश, शूटर की पहचान और उसे वारदात के लिए भेजने वालों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
