सत्र न्यायाधीश के फैसले से विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना संतुष्ट नहीं हैं। बृहस्पतिवार को वह भाई विष्णु के साथ कोर्ट में मौजूद थीं। कल्पना ने कहा कि वह कोर्ट के फैसले से असंतुष्ट हैं। आठ साल तक लड़ाई लड़ने के बाद भी न्याय नहीं मिलर। बच्चों को क्या जवाब दूंगी कि ऐसा फैसला आया है। कल्पना ने फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करने की बात कही।
कल्पना ने कहा कि वह इस उम्मीद में थी कि दोनों आरोपियों को कम से कम आजीवन कारावास की सजा होगी। मेरे साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने दोनों फैसलों पर सवाल उठाया। कहा, हत्या के मामले में प्रशांत को गैर इरादतन हत्या का दोषी बताया गया।
वहीं, उसके साथ मौजूद संदीप को बरी कर दिया गया। आखिर जब प्रशांत गोली चला रहा था तो संदीप ने क्या किया। उसने कोई कदम क्यों नहीं उठाया। कल्पना ने कहा कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता वह लड़ाई जारी रखेंगी।
