विकास के दावों के बीच विशुनगढ़ क्षेत्र के कुड़रा गांव में मंगलवार को व्यवस्था की बदहाली की तस्वीर सामने आई। गांव निवासी बेंचेलाल राजपूत के निधन के बाद अंतिम संस्कार के लिए शव को गांव से बाहर ले जाने का रास्ता जलभराव के कारण बंद था। मजबूरी में परिजनों और ग्रामीणों को पानी में घुसकर शव को बाहर तक ले जाना पड़ा। बरसात के अलावा आम दिनों में इस मार्ग पर जलभराव की समस्या के चलते ग्रामीणों ने खासी नाराजगी है।

ग्राम कुड़रा से विशुनगढ़ के रामलीला मैदान तक जाने वाला मार्ग पिछले कई वर्षों से दुर्दशा का शिकार है। गांव के लोग आवागमन के लिए इसी मार्ग का प्रयोग करते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक गांव से बाहर निकलने वाले रास्ते पर भारी जलभराव है। ऐसे में सामान्य दिनों में भी आवागमन मुश्किल बना हुआ है। मंगलवार को जब बेंचेलाल राजपूत का निधन हुआ तो अंतिम यात्रा के लिए शव को गांव से बाहर ले जाना बड़ी चुनौती बन गया। सुगम रास्ता न होने के कारण ग्रामीणों ने पानी में उतरकर शव को बाहर रामलीला मैदान तक पहुंचाया, जहां से ट्रैक्टर द्वारा शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। गांव के राजू, दिनेश चंद्र, देवानंद, नीलेश, मनीष राजपूत व डॉ. धर्मवीर राजपूत लोग ने कहा कि बुनियादी सुविधाओं की स्थिति सुधारने के दावे किए जाते हैं, लेकिन कुड़रा गांव की तस्वीर इन दावों की जमीनी हकीकत सामने ला रही है। ग्रामीणों ने पानी निकासी के लिए नाली निर्माण कराए जाने के साथ ही सड़क को ऊंचा करवाकर बनाए जाने की मांग की है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी अभी की खबरें