शिक्षक एमएलसी चुनाव की अंतिम मतदाता सूची में फर्जीवाड़े का एक और मामला उजागर हुआ है। तत्कालीन डीआईओएस चंद्रशेखर के स्तर से जांच के बाद जिन स्कूलों के शिक्षकों के आवेदन बाकायदा आदेश जारी कर निरस्त किए गए थे, उन्हीं स्कूलों के नाम पर अंतिम सूची में वोटरों की भरमार है। पांच प्रमुख स्कूलों के उपलब्ध आंकड़ों में आवेदन, निरस्तीकरण और अंतिम सूची में दर्ज नामों के बीच इतना बड़ा अंतर है कि पूरी सत्यापन प्रक्रिया कटघरे में आ गई है।
