आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) अब सराफा कारोबार की तस्वीर बदलने जा रहा है। ग्राहक अब किसी ज्वेलरी को खरीदने से पहले उसे अपनी तस्वीर पर पहनकर देख सकेंगे। इतना ही नहीं, एआई उनके चेहरे की बनावट, पहनावे, अवसर और बजट के आधार पर उपयुक्त आभूषण, मेकअप, हेयर स्टाइल और परिधान तक सुझाएगा।
इंडिया गोल्ड मेटावर्स (आईजीएम) की ओर से विकसित एलांजिया नामक एआई आधारित डिजिटल ज्वेलरी मार्केटप्लेस की शुरुआत यूपी से की जा रही है। यह एआई-संचालित क्यूरेटेड ज्वेलरी मार्केटप्लेस है जहां ग्राहक घर बैठे अलग-अलग ज्वेलर्स के आभूषण स्वयं पर वर्चुअल रूप से पहनकर देख सकेंगे।
ग्राहक एप पर सेल्फी या फोटो अपलोड करें
आईजीएम के प्रतिनिधि चेतन भंडारी ने बताया कि ग्राहक एप पर सेल्फी या फोटो अपलोड करेंगे। इसके बाद एआई उस फोटो पर विभिन्न हार, झुमके, कंगन और अन्य आभूषण वास्तविक रूप में दिखाएगा। यदि ग्राहक शादी, रक्षाबंधन, पार्टी, त्योहार या किसी अन्य अवसर के लिए ज्वेलरी तलाश रहे हैं तो एआई उसी के अनुरूप विकल्प सुझाएगा। यह भी बताएगा कि हल्की ज्वेलरी ज्यादा फबेगी या भारी, किस रंग की ड्रेस और किस तरह का मेकअप उपयुक्त रहेगा। बजट बताने पर उसी सीमा के भीतर विकल्प भी सामने आएंगे।
सराफा कारोबारियों का पंजीकरण शुरू
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में सर्राफा कारोबारियों का पंजीकरण शुरू हो चुका है। शुरुआती चरण में लगभग 250 ज्वेलर्स के जुड़ने के बाद यह सुविधा शुरू कर दी जाएगी। इसके लिए सर्राफा संगठनों के साथ समझौते किए जा रहे हैं। ऑनलाइन खरीदारी में भरोसा बढ़ाने के लिए सत्यापन की अलग व्यवस्था है। ग्राहक द्वारा ऑर्डर किए गए आभूषण को पहले हॉलमार्क जांच केंद्र भेजा जाएगा।
ज्वेलरी बिक्री का तरीका बदल सकता है
शुद्धता प्रमाणित होने के बाद उसकी डिलीवरी की जाएगी। भंडारी के मुताबिक बाजार में नकली हॉलमार्क की शिकायतों को देखते हुए यह व्यवस्था लागू की गई है। उन्होंने दावा किया कि सोने की शुद्धता जांचने के लिए एक उन्नत मशीन भी विकसित की गई है। सर्राफा कारोबारियों का मानना है कि यदि यह तकनीक व्यापक स्तर पर अपनाई जाती है तो ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरह की ज्वेलरी बिक्री का तरीका बदल सकता है।
