श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर मुक्ति कारसेवा के आह्वान को लेकर चित्रगुप्त पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज कानून के शिकंजे में उलझ गए हैं। 14 जुलाई को गोवर्धन थाना पुलिस तथा 17 जुलाई को थाना गोविंद नगर पुलिस की आख्या पर सिटी मजिस्ट्रेट ने उन्हें एक वर्ष के लिए पाबंद करते हुए जमानती नोटिस जारी किया है। अहिंसक रूप से कारसेवा के आह्वान पर प्रशासन की इस कार्रवाई से हरिद्वार के संतों में नाराजगी है। उन्होंने आंदोलन की चेतावनी दी है।

भूपतवाला आश्रम के महंत भास्करानंद महाराज ने कहा कि यदि स्वामी सच्चिदानंद महाराज को हाउस अरेस्ट से मुक्त नहीं किया गया तो अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी महाराज के नेतृत्व में साधु-संत पूरे देश में आंदोलन करने के लिए विवश होंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस में आयोजित एक जनसभा में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का नाम लेते हुए श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर मामले पर बयान दिया था।

इसके बाद गांव जुल्हेंदी स्थित चित्रगुप्त पीठ के पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने 4 जुलाई को बयान जारी कर 15 अगस्त को कारसेवा का आह्वान किया। इस सबंध में 12 जुलाई को हरिद्वार में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी महाराज, निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज सहित अनेक संतों ने कारसेवा को समर्थन दिया था। मामले में गोवर्धन थाना पुलिस ने स्वामी सच्चिदानंद महाराज को पहले नोटिस थमाया और बाद में उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया। इसके बाद 17 जुलाई को थाना गोविंद नगर पुलिस की आख्या के आधार पर सिटी मजिस्ट्रेट अनुपम मिश्रा ने जमानती नोटिस जारी कर उन्हें एक वर्ष के लिए पाबंद कर दिया।



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