जनकपुरी में पुलिस अफसरों के मनोरंजन के लिए शनिवार को नियम कायदे ताक पर रख दिए गए। स्थानीय निवासियों को घंटों तक जेल की तरह घरों में कैद रहना पड़ा। पुलिसकर्मियों ने रास्ते पर बैरियर लगा दिए। इससे बाहर गए लोग घरों तक नहीं पहुंच सके। शिकायत के बाद भी समाधान न होने पर लोग व्यवस्था को कोसते नजर आए।
जनकपुरी का आयोजन हाईवे से सटी भावना एस्टेट कॉलोनी में किया गया। चार दिन के आयोजन के बाद शनिवार को समापन पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम में पुलिस-प्रशासनिक अफसर भी शामिल हुए। स्थानीय लोगों ने कहा कि कई दिन से भीड़ की वजह से घरों से निकलना मुश्किल हो रहा था।
शनिवार को पुलिस ने कसर पूरी कर दी। जगह-जगह बैरियर लगाकर आगे नहीं बढ़ने दिया दिया गया। लोगों को घर तक पहुंचने के लिए देर रात तक का इंतजार करना पड़ा। पुलिसकर्मी और उनके परिचितों के वाहन बिना रोक-टोक जा रहे थे। उनसे वाहन पास के बारे में भी नहीं पूछा जा रहा था।
भावना एस्टेट के आसपास दो दर्जन से अधिक अपार्टमेंट के अलावा कॉलोनी और मोहल्ले हैं। रोजाना रोजमर्रा के काम के लिए लोगों को जाना पड़ता है। पुलिस ने जनकपुरी क्षेत्र में दोपहर 3:00 बजे से ही आवागमन प्रतिबंधित कर दिया। इससे भारी परेशानी उठानी पड़ी।
साहब अभी अंदर हैं, नहीं जाने देंगे
रात 10 बजे लोगों ने जब घरों की ओर रुख किया तो भावना एस्टेट के प्रवेश द्वार पर पुलिस ने बैरियर लगा दिए। पहले से जनकपुरी में डायवर्जन का कोई प्लान नहीं बनाया था। स्थानीय लोगों ने वाहनों को रोके जाने का कारण पूछा तो कहा कि साहब अभी जनकपुरी में हैं इसलिए आगे नहीं जाने दे सकते। लोगों ने विरोध किया तो पुलिसकर्मियों ने कहा कि हमारी मजबूरी है। साहब के जाने के बाद ही रास्ते को खोला जाएगा। तब तक किसी दूसरे रास्ते से निकल जाओ। इस पर लोगों ने आक्रोश जताया।
